हैदराबाद : हल्दी किसानों के लिए 2026 का वर्ष गोल्डन वर्ष के समान रहा और सीजन प्रारंभ से अब तक मूल्य पिछले कई वर्षों के बाद अधिक रहने से देश के उत्पादक राज्यो में किसान तेज गती से बिक्री कर रहे है, जिससे किसानो के हाथ मे माल नही रहेगा और जून मध्य तक सीजन समाप्त हो सकता है, ऐसी स्थिती व्यापारियो का अनुमान हैकि मूल्य 18000 रुपयो को क्रास भी कर सकते है, क्योंकि वर्तमान में अधिक गर्मी से जलस्तर घट रहा है और सिंचाई के पानी की कमी रह सकती है। अलनिनो के प्रभाव से आगामी सीजन मे इस वर्ष के समान कालीटी नही आएगी और अधिक बुवाई के बावजूद फसल उतारा पर प्रभाव पड़ सकता है, जिसको देखते हुए कोल्ड स्टोरेज स्टॉकिस्टो की बिक्री कम हो सकती है, क्योकि नया सीजन फरवरीमें प्रारंभ होने तक कारखानेदारो को माल की आवश्यकता रहेगी। व्यापारिक सूत्रो के अनुसार वर्तमान वर्ष तेलंगाना में हल्दी उत्पादन केवल 10-15 प्रतिशत की कमी हुई है, लेकिन सीजन प्रारंभ से हाजीर सहित वायदा मूल्यो में तेजी के कारण किसानों के माल की लगभग आवक समाप्त हो गई है और मेटपल्ली लाईन में साप्ताहिककेवल 5-6 हजार और निजामाबाद में दैनिक 1800-2000 बोरी एवं महाराष्ट्र लाईन से 500-600 बोरी सहित 2500 बोरी की आवक हो रही है तथा निजाम लाईन में किसानो का माल लगभग 11 लाख बोरी पहुंच गया है और सीजन प्रारंभ से 1 लाख 50 हजार बोरी के आस-पास माल गोंदीया, नागपुर, बसमत, नादेंड.
Updated On: May 3, 2026, 8:13 pmहैदराबाद : जानकार सूत्रों के अनुसार राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात में इस वर्ष उत्पादन में कमी और सीजन प्रारंभ से ही मूल्यों में वृद्धि के कारण किसानों की लगातार बिक्री से वर्तमान में आवक कमजोर पड़ गयी है, लेकिन वायदा में तेजी-मंदी तथा दक्षिण भारतीय व्यापारियों की आवश्यक्ता के अनुसार खरीदी से मूल्यों में 400-500 रुपये की गिरावट हुई है, लेकिन भविष्य उज्जवल नजर आ रहा है, क्योंकि अधिकतर माल व्यापारियों के हाथ में है। पिछले सप्ताह एनसीडीईएक्स पर धनिया का मई वायदा एक सप्ताह पुर्व के 13,500 रुपये के मुकाबले 528 घटकर सोमवार को 12,972 रुपये पर खुलने के बाद गुरुवार को 12728 रुपये पर बंद हुआ तथा जून वायदा 13,050 रुपये खुलने के बाद 204 घटकर 12,846 रुपये पर बंद हुआ। राजस्थान के रामगंजमंडी, कोटा, बारन और आस-पास की छोटी मंडियों में मिलाकर अनुमानित 50 से 60 हजार बोरी धनिये की आवक पर लोकल मंडियों में बादामी 12,000-12,400 रुपये, ईगल 12,500-12,900, स्कटर 13,000-13,400 रुपये, कलर वाला 13500-16,000 रुपये के मूल्य पर क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ।
Updated On: May 3, 2026, 8:12 pmहैदराबाद : जानकार सूत्रों के अनुसार वर्तमान वर्ष लाल मिर्च उत्पादन मे कमी और मूल्यो में भारी वृद्धि से किसान उत्पादन का पुरा मल बिक्री कर रहे है और सीजन में तंबाकु, कपास, अनाज, जैसे व्यापारियोनें सीजन में कम मूल्यो पर खरीदा गया माल भी शीतगृहो से निकालकर मुनाफा वसुली कर रहे है और माल बाहरी राज्यो के लिए लदान हो रहा है और पश्चिम एशिया में तनाव से निर्यात में कमी केबावजूद गुंटूर शीतगृहो में मई मध्य में स्टॉक पिछले वर्ष के 70 लाख बोरी के मुकाबले वर्तमान में 40 लाख बोरी का स्टॉक है और मई मध्य तक 8-10 लाख बोरी का स्टॉक और हो सकता है, ऐसी स्थिती में पिछले वर्ष का और वर्तमान वर्ष का मिलाकर कुल स्टॉक पिछले वर्ष के मुकाबले 20 लाख बोरी घटकर 50 लाख बोरी से अधिक नही रहने की संभावना है, जिसमें 334 एवं सुपर 10 का स्टॉक बहुत कम है। प्रकाशम जिले के परचुरु, ऊंकोल्लू लाईन मे न. 5 नई लाल मिर्च की आवक हो रही है और फसल उतारा एवं कलरवाला माल रहने से पूर्वी आंध्र के ताडेपल्लीगुडम, श्रीकाकुलम, विजयानगरम लाईन के लिए काउंटर सेल के लिए लदान हो रहा है। आंध्र के नेल्लोर जिले के कंदकुरु, कावाली, प्रकाशम जिले के दर्शी, पोदीली, पातापाडु कनगीरी, लाईन में एस समय प्रथम तुराई तेजा लाल मिर्चकी आवक हो रही है और जून तक आवक रहेगी और फसल उतारा प्रति एकड़ 30 किंटल आ रहा है, इसके बावजूद तेजा का स्टॉक 15 लाख बोरी से अधिक नही रहेगा। व्यापारिक सूत्रो के अनुसार इस वर्ष तेजा का मूल्य बढ़कर 25000 रुपये तक भी पहुंच सकता है और अलनीनो के प्रभाव से वर्षा की कमी एवं निर्यात की मांग निकलती है, तो मूल्यो में और भी वृद्धि हो सकती है। गुंटूर मंडी में पिछले सप्ताह 4 दिनों में क्रिष्णा, गुंटूर, प्रकाशम, पलनाडु और तेलंगाना के भद्राद्री कोत्तगुड़ेम लाईन से 3 लाख 60 हजार बोरी की आवक के साथ मंडी यार्ड में स्टॉक सहित 4 लाख 20 हजार बोरी की आवक पर डिलक्स माल की आवक कम होने से मूल्य स्थिर
Updated On: May 3, 2026, 8:11 pmऊंझा : जानकार सूत्रो के अनुसार इस वर्ष निर्यात की और घरेलू व्यापारियो की कमजोर मांग हाजीर सहित वायदा मूल्यो में मंदी का रुख रहा, जबकी रिकार्ड गर्मी के कारण बड़े किसानों का माल मंडियो में नही आ रहा है, जिससे स्टा2किस्ट भी सामने नही आ रहे है, क्योंकि कुछ जीरा स्टॉकिस्ट मेथी, धनिया, अरंडी मूंगफली के व्यापार पर अधिक ध्यान आकर्षित कर रहे है। पिछले सप्ताह एनसीडीएक्स पर जीरा का मई वायदा एक सप्ताह में लगभग 1200 रुपये घटकर सोमवार को 20,860 रुपये खुलने के बाद गुरुवार तक 430 रुपये की गिरावट होकर 20,430 रुपये, जून वायदा 21,145 रुपये खुलने के बाद 450 घटकर 20,695 रुपये पर बंद हुआ। गुजरात के ऊँझा मंडी में पिछले एक सप्ताह लगभग 60-65 हजार बोरी की आवक पर 19,000-23,000 रुपये, जामनगर, गोंडल, जामजोधपुर, हलवड़, राजकोट, सांचोर लाईन की सभी मंडियों में मिलाकर एक सप्ताह में लगभग 25 से 30 हजार बोरी-की आवक पर 19,000-21,750 रुपये तथा राजकोट में युरोप क्वालिटी 20000-20375, किराणा क्वालिटी 20,000-20,250 रुपये, पुराना माल 18,250-19,250 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। राजस्थान के मेड़ता, नागोर, जोधपुर, केकड़ी जैसी जीरा उत्पादक मंडियों में कुल मिलाकर एक सप्ताह में 38 से 40 हजार बोरी की आवक पर 18,000-25,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।
Updated On: May 3, 2026, 8:11 pmहैदराबाद : आंध्र, गुजरात, तेलंगाना में नये तिल की बढ़ती सप्लाई और आगामी दिनों में महाराष्ट्र में नये माल की आवक के साथ निर्यात की कमजोर मांग एवं किराणा बाजारो के लिए नये सफेद तिल की बढ़ती सप्लाई से जून अंत तक तेजी की संभावना नही रहेगी, लेकिन खरीफ सीजन बुवाई पर प्रभाव पड़ता है, तो मूल्यो में सुधार हो सकता है, लेकिन अधिक मंदी की संभावना नजर नहील आ रही है। तेलंगाना के अदिलाबाद, निर्मल, करीमनगर जिलों में पिछले सप्ताह 200-300 बोरी, निजामाबाद मंडी में बुधवार के दिन 70 से 100 बोरी नये तिल की आवक पर लोकल में 9900-10,800 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ तथा महाराष्ट्र के यवतमाल अमरावती लाईन में फसल कटाई जारी है एवं बुवाई पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश में 24 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन सीजन के लिये तिल की बुवाई 3 लाख 09 हजार हेक्टर मुकाबले 3 लाख 25 हजार हेक्टर पर हुई है, जिसमें जिसमें गुजरात में 27 अप्रैल तक बवाई पिछले वर्ष के 1 लाख 22हजार 532 हेक्टर के मुकाबले । लाख 40 हजार 271 हेक्टर पर हुई है। आंध्र के कड़पा, राजमपेट, बदवेल, नरसारावपेट लाईन में मिलाकर दैनिक 800 से 1000 बोरी की आवक पर नया बढ़िया क्वालिटी लाल तिल 10,000-10,300, सफेद 11,000 रुपये प्रति किंटल लोकल लूज और विरुद्धनगर डिलेवरी प्रति 75 किलो 8500 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। गुजरात जूनागढ़, अमरेली, गोंडल सहित सौराष्ट्र की सभी मंडियों में मिलाकर पिछले सप्ताह 5-6 हजार बोरी नये तिल की आवक हुई और राजकोट में सफेद माल 10,400-10,650 रुपये तथा 20 से 22 हजार बोरी पुराना सफेद तिल की आवक पर हल्लिंग क्वालिटी 9350-9700 रुपये, 98.2 किस्म 9350-9600 रुपये, 99.1 किस्म 9900-10350 रुपये 99 किस्म 10,400-10,600 रुपये तथा काली तिल प्रीमियम जेड़ ब्लैक 15,650-17,000, एवरेज माल 12,500-15,500, क्रशींग 5500-6500 रुपये, कानपुर में हल्लिंग माल 9800-9900, ग्वालियर 9900-10,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश का 99.1 किस्म 11,000 रुपये, 99.97 मुंद्रा मुंबई डिलेवरी 13,200-13,500, मुंद्रा-मुंबई डिलेवरी 99.98 किस्म 13,300-13,600 रुपये के मूल्य परक्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ। तमिलनाडु के उत्पादक लाईन में साप्ताहिक 4-5 हजार बोरी की आवक पर काला माल 12,600-14,600, लाल 12,000-14,600, सफेद माल 12,900-17,800 रुपये तथा लाल 12,100-13,600 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। पश्चिमबंगाल के कोलकाता, बेल्डा लाईन में दैनिक 5 से 6 मोटर की बिक्री पर लोकल में 8000-8100 रुपये, मैक्रो क्लीन 2 प्रतिशत एफ.एफ कंडीशन 9800-9900 रुपये, 3 प्रतिशत एफ.एफ. 8900-9300 रुपये के मूल्य पर व्यापार होकर ईरोड़ के लिये लदान हुआ।
Updated On: May 3, 2026, 8:10 pmहैदराबाद : केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश में 24 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन सीजन के लिये मूंगफली की 4 लाख 20 हजार हेक्टर के मुकाबले बढ़कर 5 लाख 51 हजार हेक्टर पर हुई है, जिसमें गुजरात में 27 अप्रैल तक बुवाई पिछले वर्ष के 56 हजार 261 हेक्टर के मुकाबले 68 हजार 318 हेक्टर पर होने के साथ देश के सभी उत्पादक राज्यो मे मूल्य लगभग समर्थन मूल्यों के समान रहने से स्टॉकिस्टो की खरीदी नही है, लेकिन अधिक मंदी की संभावना नही है। ओडिशा के बेरहमपूर, कटक लाईन में 25-30 हजार बोरी नये मूंगफली की आवक पर 6500-7400 उत्तर प्रदेश में 6800-6900 रुपये एवं महाराष्ट्र के नांदेड, हिंगोली, लाईन में नया माल 70-71 काउंट का माल लोकल में 7200-8000 रुपये और एचपीएस मूंगफली दाना 72 काउंट नांदेड, जलगांव, जालना, औरंगाबाद डिलेवरी 11150-11300 रुपये प्रति क्विटंल के मूल्य पर व्यापार हो रहा है। दक्षिणी आंध्र के कर्नल, आदोनी लाईन में 6900-7419 रुपये तथा 80- 90 काउंट मूंगफली दाना चेन्नई डिलेबरी 10,900 रुपये, 90-100 काउंट 10, 900-11,000, कल्याणी 10,700 10,800 रुपये तथा 60-70 काउंट महाराष्ट्र के लिये 11,700-11,800, गुजरात के लिये 11,200-11,300 रुपये, 60-65 काउंट 12,000-12, 100 रुपये, 50-60 काउंट 12,300 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। तेलंगाना के महबूबनगर, नलगोंडा, करीमनगर लाईन में मिलाकर प्रतिदिन लगभग 20 से 25 हजार बोरी की आवक पर 5030-7660 रुपये के मूल्य पर क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ। कर्नाटक के चेल्लाकेरे में 40-45 हजार बोरी की आवक पर लोकल में 6500-7500, एक्सपोर्ट कालिटी का माल 80-90 काउंट 10,900-11,000 रुपये, 70-80 काउंट 11,400-11,500 रुपये, 60-70 काउंट 11,700-11,800 रुपये, 60-65 काउंट 12000-12100 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। गुजरात में गिरनार नमी वाला माल 6600-8000, जी-20 किस्म 6600-7400 रुपये, 28-32 किस्म 6500-7750 रुपये तथा बिकानेर में 7200-7500 रुपये, 40-50 काउंट 10,600 रुपये, 50-60 काउंट 10,400 रुपये, 60-65 काउंट 10,200 रुपये, 60-70 काउंट 10,000 रुपये तथा मध्यप्रदेश के नीमच में एवरेज 6700 -7000, मीडियम 7200-7500, बढ़िया 7700-8000 रुपये के मूल्य पर क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ। तमिलनाडू के तिरुवन्नमलै में 80-90 काउंट 11,150 रुपये, सफेद माल 70-80 काउंट 10,750 रुपये, दिंडिगल, केरल एक्सपोर्ट डिलेवरी 80-90 काउंट (80 किलो) 9200 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। हैदराबाद के लिये आंध्र का 140-160 काउंट का माल 10,200 रुपये, 80-90 काउंट 11,000 रुपये, 70-80 काउंट 11,200 रुपये, 60-70 काउंट 11,400 रुपये, 60-65 काउंट 11,700 रुपये, 50-60 काउंट 12.000-12.300 के मल्य पर हुआ।
Updated On: May 3, 2026, 8:08 pmहल्दी में कमजोर ग्राहकी हैदराबाद : पिछले दो सप्ताहो से बुवाई की स्थिती को देखते हुए मसाला पिसाई कारखानेदारो की कमजोर खरीदी और वायदा मूल्यो में कमी आने से मंदी का रुख रहा, जबकी व्यापारियो का अनुमान हैकि देश में अनुमानित हल्दी का स्टॉक 50-60 लाख बोरी के आसपास है और नया सीजन प्रारंभ होने के लिये लगभग 7 महीने का समय बाकी है तथा मासिक खपत 6-7 लाख बोरी से कम नही है, ऐसी स्थिति में नया सीजन प्रारंभ के समय माल की कमी रहेगी, लेकिन वर्तमान में बुवाई की स्थिति के कारण मंदी का रुख रहा। एनसीडीईएक्स पर पिछले सोमवार के दिन अगस्त वायदा 14,198 रुपये खुलने के बाद शुक्रवार तक 790 रुपये घटकर 13,408 रुपये, अक्टूबर वायदा 730 घटकर 13,740 रुपये पर बंद हुआ। निजामाबाद में पिछले सप्ताह लगभग 9 से 10 हजार बोरी की आवक पर मूल्यों में 100 से 200 रुपये की गिरावट होकर काडी 13,000-13,800,पॉलीश काड़ी 14,200-14,300, गड्डा 11,800-12,200, पालीश गट्ठा 13,400-13,500 रुपये और केसमुद्रम में काड़ी 10,700-11,200, गट्ठा 10,000-11,350 रुपये तथा दुग्गिराला में प्रतिदिन 250 से 300 बोरी की आवक पर मीडियम काड़ी एवं गट्ठा 9000-10,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। पिछले सप्ताह महाराष्ट्र के हिंगोली में 20 से 22 हजार बोरी की बिक्री पर काड़ी 11,500-12,500, गट्ठा 11,000-11,800 रुपये, नांदेड़ में 10 से 15 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 11,800-12,200, गट्ठा 10,500-11,700 रुपये तथा सांगली में 5 से 6 हजार बोरी की आवक पर राजापुरी काड़ी 13,500-14,000, गट्ठा 12,500-13,000, लगड़ी 16,000 -16,500 रुपये तथा बसमतनगर में 5 से 6 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 12,000-13,000, गट्ठा 11,500-12,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। तमिलनाडु के ईरोड़ में एक सप्ताह में 12 से 15 हजार बोरी की आवक पर काड़ी 9055-12,200, गट्ठा 7866-12,854, पेरुंदुरै में शुक्रवार के दिन 1000 बोरी की आवक पर काड़ी 9055-13,289, गट्ठा 7299-12,609, गोपीचेट्टीपालयम में 400 से 500 बोरी की आवक पर काड़ी 12,303 12,902, गट्टा 11,600 -12,242 रुपये तथा बरहमपुर में काड़ी 11,800, पालीश काड़ी 12,200 रुपये के मूल्य पर कलिटी के अनुसार व्यापार हुआ।
Updated On: July 7, 2025, 5:54 amनये मेथी की आवक मे वृद्धि जावरा : जानकार सूत्रो के अनुसार गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में होली त्यौंहार के बाद फसल कटाई का काम तेजी से प्रारंभ हुआ है, लेकिन मूल्य कम रहने से माल की बिक्री धीमी गति से कर रहे है, इसके बावजूद तीनों राज्यो में मिलाकर एक सप्ताह में अनुमानित 45 हजार बोरी से अधिक आवक हुई और किराणा व्यापारियो की खरीदी प्रारंभ हो गई है, लेकिन 15 अप्रैल से आवक अधिक होने की संभावना रहेगी। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार नीमच में पिछले सप्ताह 6 से 7 हजार, जावरा में 14 से 15 हजार, मंदसोर में 6 से 7 हजार बोरी एवम् गुजरात में 8 से 10 हजार और राजस्थान में 2 से 3 हजार बोरी की आवक पर नमी वाला 4100-4300, मीडियम 5000-5200, बढ़िया माल 6000-6200, मोटा दाना 6800-7200 रुपये तथा पुराना माल 4800-6200 रुपये एवं जावरा में नया बढ़िया फाफड़ा किस्म 9000-9500, मीडियम 8000-8500 रुपये और राजकोट में एवरेज 4400-5100, मीडियम बेस्ट 5150-5500, बढ़िया माल 5600-6100 रुपये एवं राजस्थान के रामगंजमंडी, कोटा, नोखा लाईनों में नमी वाला माल 4200-4500, सूखा माल 4800-5200 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।
Updated On: March 25, 2025, 6:32 amवियतनाम कालीमिर्च में मजबूती हनोई : अंतर्राष्ट्रीय कालीमिर्च संगठन (आईपीसी) के अनुसार इंडोनेशियाई कालीमिर्च के मूल्यों में मामूली गिरावट होकर लैमपंग कालीमिर्च का मूल्य 14 डालर घटकर 7251 डालर और मुंटोक सफेद कालीमिर्च का मूल्य 18 डालर घटकर 10010 डालर प्रति टन हो गया, जबकी मलेशिया की कालीमिर्च का मूल्य स्थिर होकर 9000 डालर और सफेद कालीमिर्च 11600 डालर प्रति टन ऑफर किया गया है, लेकिन ब्राजील में कालीमिर्च का मूल्य 200 डालर बढकर 6700 डालर प्रति टन हो गया है, जिसके मुकाबले वियतनाम कालीमिर्च का निर्यात मूल्य 6500 डालर और सफेद कालीमिर्च का 9550 डालर प्रति टन पर व्यापार हो रहा है। वियतनाम के गिया लाई प्रांत में 4500 वीएनडी बढकर 162,500 वीएनडी (6.36 डालर) और बाय-रिया वुंग तौ और डकनोंग प्रांत में 3000 वीएनडी बढकर 1,61,000 (6.30 डालर) और 16300 (6.34 डालर) प्रति किलो हो गया। वियतनाम कालीमिर्च और मसाला संघ की रिपोर्ट के अनुसार लुनर नव वर्ष के बाद चीन और अमेरिका की मांग बढ़ने से वियतनाम के घरेलू कालीमिर्च का मूल्य 3000 - 4500 वीएनडी (वियतनामी डांग) (0.12-0.18 डालर) बढकर 164000 वीएनडी (6.41 डालर ) प्रति किलो हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों के लिये मांग में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है,लेकिन वियतनाम के कस्टम विभाग के आंकड़ा के अनुसार 1-15 जनवरी के दौरान वियतनाम ने 7313 टन कालीमिर्च निर्यात किया, जो एक वर्ष पूर्व के इसी समान अवधि के मुकाबले मात्रा के आधार पर 3 प्रतिशत कम हुआ है। निर्यातकों की रिपोर्ट के अनुसार चीन के लिये वियतनामी कालीमिर्च की मांग बढ रही है, विशेषकर प्रोसेसिंग करके भारत को दुबारा निर्यात करने वाले खरीदी दारो की खरीदी हो रही हैं तथा अमेरिका और यूरोपीय संघ के लिये अच्छी मांग है, जिससे वियतनामी घरेलू मूल्यों को समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ भागों में कम उत्पादन और वैश्विक स्तर पर मांग स्थिर रहने से वर्ष, 2025 में कालीमिर्च का मूल्य सामान्य रहने का अनुमान है।
Updated On: February 17, 2025, 7:30 am