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लाल मिर्च उत्पादक क्षेत्रो में वर्षा से फसल को राहत

हैदराबाद : पिछले सप्ताह आंध्र में बंगाल की खाडी से उठे चक्रवाती तूफान से अर्नब के प्रभाव से पूर्वी आंध्र में भारी वर्षा वं तेज हवा से कई क्षेत्रो में धान और अन्य फसले भूमी पर आडी पड़ गई, लेकिन आंध्र के गुंटूर पलनाडु और प्रकाशम जिले के कुछ क्षेत्रो के साथ तेलंगाना के खम्मम भद्राचलम लाईन में अच्छी वर्षा होने से लाल मिर्च फसल को लाभ मिला है, लेकिन आगामी 15 दिनों में एक वर्षा की आवश्यक्ता है। जानकार सूत्रो के अनुसार कुछ लाल मिर्च क्षेत्र में अधिक वर्षा से फसल को नुकसान भी हुआ है, लेकिन पुरा आंकलन अभी तक सामने नही आया है। गुजरात के गोंडल, राजकोट लाईन में नये माल की आवक प्रारभ हो गई है, लेकिन किसान प्रति लाट या बोरी पर 500 ग्राम सेंपल के लिए विवाद से व्यापार अधिक नही हुआ और दीपावली बाद व्यापार बढ़ सकता है। मध्य प्रदेश के बेडिया में रविवार से शनिवार तक लगभग 80-85 हजार बोरी शीतगृहो के माल की आवक हुई और मध्य प्रदेश की सभी मंडियो में मिलाकर अनुमानित 3 लाख बोरी से अधिक की आवक में कुछ किसान सिधे राजस्थान की मंडियो में कमिशन पर माल की बिक्री कर रहे है एवं महाराष्ट्र के नंदुरबार से बुलढाणा तक फसल की आवक होकर नागपुर, अकोला, जलगाँव, पुणे जैसे मंडियो में माल बिक्री के लिए पहुंच रहा है। पिछले सप्ताह गुंटूर मंडी यार्ड में सोमवार से शुक्रवार तक गुंटूर शीतगृहो से बीएफ, सीएफ सहित इस वर्ष का मिलाकर 2 लाख बोरी और आस-पास लाईन के शीतगृहों से 50 हजार बोरी मिलाकर 2 लाख 50 हजार बोरी की आवक में 1 लाख 50,000 हजार बोरी की बिक्री डिलक्स किस्मो की अच्छी मांग से 300-500 रुपये की वृद्धि और अन्य सभी किस्मो के मूल्य स्थिर रहे तथा डिलक्स किस्मों की अच्छी मांग है, लेकिन स्टॉकिस्ट मूल्य बढ़ने के अनुमानसे अधिक माल की बिक्री नही कर रहे है। जानकार सूत्रो के अनुसार गुंटूर लोकल शीतगृहो में स्टॉक 18 लाख, वरंगल 10 लाख और खमम में 7 लाख 25 हजार बोरी से भी कम बचा हुआ है और गुंटूर, वरंगल शीतगृहो में अच्छे माल की कमी है तथा जनवरी तक पुरा माल बिक्री (शेष भाग 2 पर).....

Updated On: November 2, 2026, 6:10 am
हल्दी हाजिर - वायदा में तेजी का रुख

निजामाबाद : जानकार सूत्रो के अनुसार महाराष्ट्र में अभी तक वर्षा नहीं होने से हल्दी उत्पादक क्षेत्रों में स्थिति गंभीर हो रही है, जबकि आंध्रप्रदेश सहित कई राज्यों में अच्छी वर्षा हुई है। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार वर्तमान में महाराष्ट्र में दीपावली पूर्व मुनाफा रुपी मध्यम स्टॉकिस्ट व्यापारियों की बिक्री का दबाव बढ़ने से मंडियों की आवक में वृद्धि हुई, लेकिन मसाला कारखानों की खरीदी और वायदा मूल्यों में तेजी के कारण हाजिर मंडियों में मूल्य कम नहीं हो रहे है। एक रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान वर्ष बुवाई अधिक हुई है, लेकिन एक माह में वर्षा नहीं होती है तो, बुवाई क्षेत्र के उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत की कमी आ सकती है, क्योंकि नया सीजन फरवरी, मार्च से प्रारंभ होता है और किसानों को बोरवेल से सिंचाई करना पड़ रहा है, जिससे पानी का स्तर नीचे पहुंच रहा है। एनसीडीईएक्स पर पिछले सप्ताह दिसंबर हल्दी वायदा एक सप्ताह पूर्व शुक्रवार को 26,650 रुपये पर बंद होने के बाद सोमवार को 230 रुपये बढ़कर 26880 रुपये पर खुलने के बाद शुक्रवार तक 108 रुपये बढ़कर 26,988 रुपये, अप्रैल वायदा 914 घटकर 26,084, मई वायदा 58 रुपये घटकर 26,840 रुपये पर बंद हुआ। निजामाबाद में एक सप्ताह में लगभग 4000 बोरी की आवक पर काड़ी 2 हजार रुपये बढ़कर 22,500-24,000, गट्ठा 21,500-22,000 रुपये अनपेड तथा दुग्गिराला में काड़ी व गट्ठा 20,900 रुपये, डंकी 17000 रुपये के समुद्रम में काडी 17469 -18566 गड्डा 15589- (शेश भाग 2 पर) अप्रातानाधत्व वाल क्षत्रा म डिस्ट्रिब्युटर नियुक्त करना है।

Updated On: November 2, 2026, 6:08 am
नवंबर महीना चीनी बिक्री कोटा में कमी

नई दिल्ली : व्यापारिक सूत्रो के अनुसार देश के चीनी उत्पादन में भारी कमी और नये सीजन में उत्पादन की स्थिती को देखते हुए सरकार चीनी का मासिक कोटा को 15 दिनों में परिवर्तन कर दिया है तथा अक्टूबर के मुकाबले नवंबर कोटा कम जारी किया है, जिसका प्रमुख कारण महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के बाजारों में कमजोर बिक्री के कारण चीनी के मूल्य स्थिर रहे।खाद्य मंत्रालय ने अक्टूबर के लिये पिछले वर्ष मासिक कोटा में 24 लाख टन आवंटित किया, जिसके मुकाबले वर्तमान समाप्त हुए अक्टूबर के लिये मिलाकर कुल 30 लाख टन का कोटा आवंटित किया, लेकिन सरकार ने 30 अक्टूबर को नवंबर 2026 के लिए कुल मिलाकर 26 लाख 50 हजार टन आवंटित किया गया है। सरकार नें 1-15 नवंबर, 2026 के लिये 13 लाख टन और अंतिम 15 दिन के लिये 13 लाख 50 हजार टन निर्धारित किया है तथा अक्टूबर, 2026 के दौरान पिराई करने वाली मिलों को नवंबर, 2026 में चीनी बिक्री करने की अनुमति दी गयी। सरकार ने नवंबर महीने के प्रथम दिन के लिये महाराष्ट्र के लिये सबसे अधिक 4 लाख 77 हजार 707 टन, उत्तर प्रदेश के लिये 4 लाख 17 हजार 290 टन, कर्नाटक 2 लाख 63 हजार 439 टन, तमिलनाडु 35 हजार 526 टन, गुजरात 42 हजार 408 टन, बिहार 19 हजार 725 टन, पंजाब 4309 टन, हरियाणा 9559 टन, मध्यप्रदेश 6591 टनऔर उत्तराखंड के लिये 13 हजार 967 टन की भागीदारी है। छोटे राज्यों में, आंध्र प्रदेश के लिये 2503 टन, तेलंगाना 4801 टन, ओड़िशा में 430 टन, राजस्थान 109 टन और छत्तीसगढ 1634 टन है।

Updated On: November 2, 2026, 6:06 am
जीरा बुवाई में कमी का संकेत मूल्य मजबूत

ऊंझा : एनसीडीईएक्स पर पिछले सोमवार को जीरा का नवंबर वायदा 26,170 रुपये खुलने के बाद 110 रुपये बढ़कर 26,280 रुपये एवम् दिसंबर वायदा 180 बढ़कर 26,650 रुपये पर बंद हुआ। गुजरात एवं राजस्थान के कुछ क्षेत्रो में जीरा बुवाई प्रारंभ हुई है, लेकिन अधिक बुवाई दीपावली बाद होने का अनुमान है, लेकिन कुल बुवाई में कमी का संकेत मिल रहा है। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार चीन के उत्पादन मे ं वृद्धि से आयात में भारी कमी हुई है, लेकिन अंतरर्राष्ट्रीय बाजार में सीरिया जैसे उत्पादक देशो की जीरा सप्लाई प्रभावित होने से भारत से अच्छी मांग निकल रही है, लेकिन गुजरात सरकार ने सोमवार को जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदरर और कच्छ को सुखा ग्रस्त घोषित किया, जिससे पानी की कम उपलब्धता से फसल उतारा में कमी हो सकती है। राजस्थान में भी मिट्टी में पर्याप्त नमी की कमी और पानी की उपलब्धता से किसान बुवाई के लिए मौसम की राह देख रहे है, लेकिन कुल मौसम की स्थिती से उत्पादन पर प्रभाव और मूल्यो में तेजी आ सकती है। ऊँझा में पिछले सप्ताह लगभग 50 हजार बोरी जीरा की आवक पर किसानों का माल 23,000-27,000 रुपये और राजकोट में 4-5 हजार बोरी की आवक पर एवरेज 23,000-24,250, मीडियम 24250-24750, बढ़िया 24,750-25,250 रुपये, युरोप क्वालिटी 25,250-25,500, किराणा क्वालिटी 25,500-25,750 रुपये तथा जामजोधपुर, बनासकांटा गोंडल लाईन में 23,000-25,700 रुपये एवं राजस्थान के मेड़ता, नागोर, लाईन में लगभग 5 से 6 हजार बोरी की आवक पर 22500-25,500-बढ़िया माल नागौर में 27,000 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ

Updated On: November 2, 2026, 6:04 am
गुजरात में मूंगफली की रिकार्ड आवक

हैदराबाद : व्यापारिक सूत्रो के अनुसार गुजरात में मूंगफली उत्पादन वर्ष, 2025-26 के 41 लाख 88 हजार टन के मुकाबले लगभग 8 लाख 58 हजार टन घटकर 33 लाख 30 हजार टन के आस पास हो रहा है और मूल्य पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक रहने से किसानोंकी बिक्री तेज गती से बढ़ रही है, जिससे पिछले सप्ताह सभी मंडियो में मिलाकर 3 लाख 50 हजार से 4 लाख बोरी की आवक पर लोकल नमीवाला 6200-7500 और सूखा माल 8700-9700 रुपये क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ और क्वालिटी अच्छी रहने से पूर्वी भारत एवं दक्षिण भारत सहित महाराष्ट्र लाईन के लिए लदान हो रहा है और उत्पादन में कमी तथा दक्षिण में कमजोर फसल से फरवरी तक मंदी की संभावना नही रहेगी। व्यापारिक सूत्रो के अनुसार पिछले सप्ताह गोंडल में 80-90 हजार, काटावाडा में 90 हजार, राजकोट, हलवड, हिम्मतनगर डिसा, लाईन की सभी मंडियो में 18 हजार से 25 हजार बोरी की आवक जारी रही। राजस्थान की मंडियो में 60 से 70 हजार बोरी की आवक पर 7000-8300 रुपये, उत्तर प्रदेश के झासी, मौरानीपुर, महोबा, ललितपुर, छत्तरपुर सहित सभी लाईनो में मिलाकर 60-70 हजार बोरी नये माल की आवक पर 6000-7000 नीमच. श्यामगढ गरोठ सहित सभी मंडियो में मिलाकर 70-75 हजार बोरी की आवक पर 6300-7000 ओर मिडियम 7000-7700 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। हिम्मतनगर एचपीएस मूंगफली दाना 60-70 काउंट 13,400 (जीएसटी सहित), 60-65 काउंट 13,700 रुपये, 50-60 काउंट 14,000 -14100 रुपये के मूल्य पर व्यापार होकर तमिलनाडु, आंध्र, कर्नाटक डिलेवरी व्यापार हो रहा है। दक्षिण भारत में कमजोर उत्पादन से व्यापारी गुजरात, उत्तर प्रदेश से खरीदी कर रहे है, आंध्र, कर्नाटक की सभी मंडियो में मिलाकर एक सप्ताह में केवल 35-40 हजार बोरी की आवक पर लोकल में 6500-10,400 रुपये के मूल्य पर क्वालिटी के अनुसार व्यापार हुआ।

Updated On: November 2, 2026, 6:01 am
धनिया वायदा में गिरावट - हाजीर में ग्राहकी

हैदराबाद : जानकार सूत्रो के अनुसार मध्य प्रदेश, राजस्थान के धनिया उत्पादक लाईन में मौसम अनुकूल रहने से बुवाई का कार्य तेज गती से हो रहा है और बुवाई क्षेत्र में वृद्धि का अनुमान है, लेकिन गुजरात बुवाई में कमी के संकेत मिल रहे है और हाजीर मंडियो में कमजोर स्टॉक के कारण वायदा मूल्यो में गिरावट के बावजूद हाजीर में ग्राहकी से मूल्य स्थिर हो गये है और अनुमान हैकि आगामी जनवरी वायदा में विक्रेता बढ़ने से दिसंबर वायदा पर प्रभाव पड़ा है, लेकिन आगामी दिनों में वृद्धि हो सकती है, क्योंकि नये सीजन के लिए लगभग 4 महीनों का समय बाकी है और दिसंबर से पिसाई की खरीदी रहेगी। एनसीडीईएक्स पर पिछले सोमवार के दिन धनिया का दिसंबर वायदा 17002 रूपये खुलकर शुक्रवार तक 992 रुपये घटकर 16,010 रुपये और जनवरी वायदा 1172 घटकर 15,844 रुपये पर बंद हुआ। राजस्थान के रामगंजमंडी में पिछले एक सप्ताह में 15-16 हजार बोरी की आवक पर बादामी 14,600- 15,100, ईगल 15,200-15,600, स्कूटर 15,700-16,100, कलर वाला 16,400-19,900 रुपये तथा बारन में बादामी 14,800-15,000, ईगल 15,500-16,000, स्कूटर 16,200-16,700 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ। नीमच में बादामी 14,700-15,000, ईगल 15,100-15,700 और कुंभराज में बादामी 15,200-15,600, ईगल 15,700-16, 100, स्कूटर 16,200-16,600, कलर 16,900-

Updated On: November 2, 2026, 6:00 am
नये मेथी की आवक मे वृद्धि

नये मेथी की आवक मे वृद्धि जावरा : जानकार सूत्रो के अनुसार गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में होली त्यौंहार के बाद फसल कटाई का काम तेजी से प्रारंभ हुआ है, लेकिन मूल्य कम रहने से माल की बिक्री धीमी गति से कर रहे है, इसके बावजूद तीनों राज्यो में मिलाकर एक सप्ताह में अनुमानित 45 हजार बोरी से अधिक आवक हुई और किराणा व्यापारियो की खरीदी प्रारंभ हो गई है, लेकिन 15 अप्रैल से आवक अधिक होने की संभावना रहेगी। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार नीमच में पिछले सप्ताह 6 से 7 हजार, जावरा में 14 से 15 हजार, मंदसोर में 6 से 7 हजार बोरी एवम् गुजरात में 8 से 10 हजार और राजस्थान में 2 से 3 हजार बोरी की आवक पर नमी वाला 4100-4300, मीडियम 5000-5200, बढ़िया माल 6000-6200, मोटा दाना 6800-7200 रुपये तथा पुराना माल 4800-6200 रुपये एवं जावरा में नया बढ़िया फाफड़ा किस्म 9000-9500, मीडियम 8000-8500 रुपये और राजकोट में एवरेज 4400-5100, मीडियम बेस्ट 5150-5500, बढ़िया माल 5600-6100 रुपये एवं राजस्थान के रामगंजमंडी, कोटा, नोखा लाईनों में नमी वाला माल 4200-4500, सूखा माल 4800-5200 रुपये के मूल्य पर व्यापार हुआ।

Updated On: March 25, 2025, 6:32 am
वियतनाम कालीमिर्च में मजबूती

वियतनाम कालीमिर्च में मजबूती हनोई : अंतर्राष्ट्रीय कालीमिर्च संगठन (आईपीसी) के अनुसार इंडोनेशियाई कालीमिर्च के मूल्यों में मामूली गिरावट होकर लैमपंग कालीमिर्च का मूल्य 14 डालर घटकर 7251 डालर और मुंटोक सफेद कालीमिर्च का मूल्य 18 डालर घटकर 10010 डालर प्रति टन हो गया, जबकी मलेशिया की कालीमिर्च का मूल्य स्थिर होकर 9000 डालर और सफेद कालीमिर्च 11600 डालर प्रति टन ऑफर किया गया है, लेकिन ब्राजील में कालीमिर्च का मूल्य 200 डालर बढकर 6700 डालर प्रति टन हो गया है, जिसके मुकाबले वियतनाम कालीमिर्च का निर्यात मूल्य 6500 डालर और सफेद कालीमिर्च का 9550 डालर प्रति टन पर व्यापार हो रहा है। वियतनाम के गिया लाई प्रांत में 4500 वीएनडी बढकर 162,500 वीएनडी (6.36 डालर) और बाय-रिया वुंग तौ और डकनोंग प्रांत में 3000 वीएनडी बढकर 1,61,000 (6.30 डालर) और 16300 (6.34 डालर) प्रति किलो हो गया। वियतनाम कालीमिर्च और मसाला संघ की रिपोर्ट के अनुसार लुनर नव वर्ष के बाद चीन और अमेरिका की मांग बढ़ने से वियतनाम के घरेलू कालीमिर्च का मूल्य 3000 - 4500 वीएनडी (वियतनामी डांग) (0.12-0.18 डालर) बढकर 164000 वीएनडी (6.41 डालर ) प्रति किलो हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों के लिये मांग में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है,लेकिन वियतनाम के कस्टम विभाग के आंकड़ा के अनुसार 1-15 जनवरी के दौरान वियतनाम ने 7313 टन कालीमिर्च निर्यात किया, जो एक वर्ष पूर्व के इसी समान अवधि के मुकाबले मात्रा के आधार पर 3 प्रतिशत कम हुआ है। निर्यातकों की रिपोर्ट के अनुसार चीन के लिये वियतनामी कालीमिर्च की मांग बढ रही है, विशेषकर प्रोसेसिंग करके भारत को दुबारा निर्यात करने वाले खरीदी दारो की खरीदी हो रही हैं तथा अमेरिका और यूरोपीय संघ के लिये अच्छी मांग है, जिससे वियतनामी घरेलू मूल्यों को समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ भागों में कम उत्पादन और वैश्विक स्तर पर मांग स्थिर रहने से वर्ष, 2025 में कालीमिर्च का मूल्य सामान्य रहने का अनुमान है।

Updated On: February 17, 2025, 7:30 am